मेरी माँ
सबको अपनी-अपनी माँ प्यारी होती है,
मुझको अपनी माँ सबसे प्यारी लगती है !
सरल सुन्दर मन की मधु, मिश्री-सी मीठी,
प्रेम और ममता की सरिता लगती है !
मेरी हर उलझन को चुटकी में सुलझाती,
घर को सजाकर कैसे सुंदर स्वर्ग बनाती.
माँ कभी पहेली कभी सहेली लगती है !
मेरी ख़ुशी में वह ख़ुशी से खिल जाती,
दुःख में मेरे फूल सी मुरझाती,
माँ आँगन की फुलवारी लगती है !
कमजोर होता है जब मन, लड़खड़ाते है कदम,
अपने विश्वास भरे हाथों से थाम,
माँ कोई अनजानी प्रेरणा लगती है !
सुघड़ हाथों से तराश-तराशकर शिल्प बनाती,
माँ है विश्वास, माँ है प्रेरणा, माँ सर्वश्रेष्ठ,
भगवान की अनुपम भेंट लगती है !
माँ के लिए कभी लिखी यह पंक्तियाँ आज भी मुझे बहुत प्यारी लगती है ! दस साल पहले की बात है ! तब मै बहुत बीमार पड गई थी मेरे दोनों बच्चे बहुत छोटे थे ! तब माँ ने जिस प्रकार मेरे बच्चों को मेरे घर को संभाला मेरी जिस प्रकारसे सेवा की, मुझे यह कहते हुये दिलासा देती की, तुझे कुछ नहीं होगा भगवान पर विश्वास रख, माँ की कही हुई बाते आज भी मै नहीं भुला पाई ! मुझे ठीक होने में लगभग एक वर्ष का समय लगा! मृत्यु के करीबसे गुजरने पर ही पता चला जीवन कितना सुंदर है ! और हम व्यर्थ के बातों में सारी जिन्दगी गुज़ार देते है !
आज मदर्स डे पर सभी माताओंको मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनायें !
आज मदर्स डे के खास मौके पर मेरी बिटिया ने मुझे दिया हुआ गिफ्ट !