मंगलवार, 25 सितंबर 2012

गणेश चतुर्थी .....


भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ, हमारे शहर में  दस दिवस तक चलने वाला गणेश चतुर्थी का यह त्यौहार प्रारंभ हुआ है ! हर साल की तरह इस साल भी हमारे शहर में यह त्यौहार बड़े धूम-धाम से मनाया जायेगा ! हर गली,मुहल्लों में,सड़कों-चौराहों पर विभिन्न अवतारों में अनगिनत गणेश प्रतिमाये स्थापित कर भक्तगण विधिवत पूजा-अर्चना करने में लगे है !घर-घर में पूजा अर्चना के साथ गणेश जी का मनपसंद भोजन मोदक बना रही है गृहिणियां ! गणेश पंडालों में, मै बड़ा की तू बड़ा की होड़ करते तक़रीबन ५० हजार गणेश प्रतिमायें स्थापित हुई है !जिस गली का चंदा जितना तगड़ा उतना बड़ा गणेश ! मूषक पर सवार गणपति बाप्पा खुश हो रहे है,मुस्कुरा रहे है जैसे ....हमारे नेतालोग आम आदमी की पीठ पर बैठकर खुश हो रहे होते है वैसे !
कई बार मन में एक प्रश्न उठता है कि, आम आदमी को आम क्यों कहा जाता है ? कौनसे ऐसे आम के विशिष्ठ गुण होते है उसमे ? बहुत खोज बिन क़ी तो पता चला सही में आम के खास गुण होते है उसमे !

 वह यह कि, अगर आम आदमी कच्चा है तो उसपर नमक,मिर्च छिडक कर खाया जा सकता है ! उसकी चटपटी चटनी बनाई जा सकती है !अगर पका हुआ है तो चूसने में बड़ा मजा आता है !
आप क्या कहते हो ?  क्या मै गलत कह रही हूँ ?

10 टिप्‍पणियां:

  1. आदमी को आम आदमी इसी लिये कहा गया है,जैसा चाहे उपयोग करे,,,,

    RECENT POST समय ठहर उस क्षण,है जाता,

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  2. ोह! लाजवाब!
    अंतिम तीन पंक्तियां जबर्दस्त!! इस ढंग से तो कभी सोचा ही नहीं था।
    इसे काव्य रूप दें।

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    1. जी, आभारी हूँ ...यदि चार पंक्तियाँ काव्य की आप ही लिख देते तो
      मुझे ख़ुशी होगी !

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  3. :-)
    बढ़िया....
    हाँ और आम की तरह आम आदमियों की भी ढेरों किस्में हैं....
    सभी अपने अपने रंग/महक और स्वाद लिए...
    सादर
    अनु

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  4. अगर आम आदमी कच्चा है तो उसपर नमक,मिर्च छिडक कर खाया जा सकता है ! उसकी चटपटी चटनी बनाई जा सकती है !अगर पका हुआ है तो चूसने में बड़ा मजा आता है !
    आप क्या कहते हो ...

    हर स्वाद अलग है :))

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  5. आपने आम आदमी की जो व्याख्या की है काबिले-तारीफ़ है |

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