सोमवार, 27 फ़रवरी 2012

हास्यमेव जयते !

पिछली बार हम कब हँसे थे ?  कुछ याद आया ? नहीं ना ? सच में  हमें जीवन की रोजमर्रा की परेशानियों ने इतना चिंतित कर दिया है कि, हँसना जैसे हम भूल ही गए है ! या फिर परेशानियों के हम इतने आदी हो गए है कि, हंसने के लिये समय ही नहीं मिलता ! कभी-कभी छोटे-छोटे परेशानियां भी हम स्वयं ही पैदा कर लेते है, दुखी होते है और दोष दूसरों को देते है ! लगता है हमारे दुःख का कारण वे ही लोग है ! कभी-कभी परेशानिया इतनी अधिक भी नहीं होती जितना कि हमारा मन उनको बढ़ा-चढ़ाकर देख लेता है ! परिस्थितियां चाहे जो भी हो हर हाल में हँसना हँसाना भी एक कला है ! हंसने से दुःख, परेशानिया दूर होंगी ही ऐसी बात नहीं है, पर उन्हें  झेलने की जरुर हिम्मत आ जाती है ! हँसना प्रकृति ने मनुष्य को दिया हुआ खुबसूरत वरदान है ! जानवर हँस नहीं सकते ! जानवर तनाव मुक्त प्राणी है ! हंसने के लिये कोई खास कारण हो यह भी जरुरी नहीं है ! आप को इस में महारत हासिल है तो आप खुद रोज के जीवन में हंसी पैदा कर सकते हो ! हँसना अच्छे स्वास्थ्य के लिये बेस्ट मेडिसिन है ! कभी यह प्रयोग कर के देख लीजिये ! जब भी आप रात सोने अपने बिस्तर पर जाते हो, बिस्तर पर बैठ कर शरीर को रिलैक्स कर पांच मिनिट बिना कारण हँसिये फिर सो जाइये ! सुबह उठते समय एक बार फिर से इस प्रयोग को दोहराईये ! कुछ दिन आप को यह क्रिया बेवकूफी जैसी लगेगी ! लेकिन कुछ ही दिनों में आप पायेंगे कि, रोज क़ी हमारी जीने की गुणवत्ता में, क्वालिटी में काफी अंतर हुआ है ! इस प्रयोग से दिनभर आप अन्य दिनों क़ी अपेक्षा अधिक आनन्दित, अधिक उर्जावान महसूस करेंगे ! किन्तु  हँसना सांत्वना क़ी तरह नही, जीवन के प्रति अनुग्रह क़ी तरह इसका उपयोग कीजिये ! सांत्वना चाहे जो भी हो उथली-उथली होती है !

15 टिप्‍पणियां:

  1. bahut achchhi tarah se suman ji aapne jeevan jeene ka tareeka sikhaya hai.lekin ek bat hai janvar bhale hi hothon se n hans saken par ve apne kirya-kalapon se hame dikha dete hain ki ve khush hain.bahut achchha laga aapko padhna.aabhar.

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  2. बहुत बढ़िया...
    सच कहा आपने...परेशानियां किसे नहीं होतीं...हँसते मुस्कुराते रहें तो उनका एहसास कम होता है...
    सादर.

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  3. सच है हंसने से तमाम चिंताएं डर कर भाग जाती हैं ...
    बहुत अच्छी हिदायत दी है आपने ..:)
    kalamdaan.blogspot.in

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  4. सुमन जी,..आपने सही कहा,सांत्वना चाहे जो भी हो उथली उथली होती है,...
    सुंदर आलेख के लिए बधाई,...

    NEW POST काव्यान्जलि ...: चिंगारी...

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  5. बहुत बढ़िया नुस्खा बताया है आपने / करेंगे / निश्चित ही यह क्रिया मुझे बेवकूफों जैसी नहीं लगेगी , अब और किसी को लगे तो कह नहीं सकते

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    1. हास्य में से आपने बढ़िया हास्य निकाला है !
      मुझे बहुत पसंद आई आप की बात, वैसे भी हमारी बहुत सारी आदते दूसरों को बेवकूफी की लगती है
      हम छोड़ थोड़े ही देते है ! ये भी एक सही .......बस कुछ दिन का ही प्रयोग है :)

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  6. हास्य योग ...
    सच है हास्य का ओना ही महत्त्व है जीवन में ... तनाव मुक्त होने के लिए अच्छा सुझाव है आपका ...

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  7. संसार में जितने भी प्राणी हैं, उनमे केवल मनुष्य के मुंह पर हंसी फबती है. बाकियों के तो हंसने की कल्पना मात्र से ही हंसी छूटती है.

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  8. मुस्कुराहटें जीवन को जीवंत बना देती हैं......सच में हम हँसना तो भूल ही गए हैं......

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  9. रंगोत्सव पर पूरे परिवार को शुभकामनायें स्वीकार करें ....

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  10. बहुत सुंदर बात कही है आपने कोशिश तो यही रहती है मेरी की खूब हसु और हँसाऊ . . . आपके ब्लॉग पर आपके बहुत अच्छा लगा . . . अगर समय लगे तो आप सादर आमंत्रित है मेरे ब्लॉग पर http;//www.yogeshkikalam.blogspot.com

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