सोमवार, 19 दिसंबर 2011

आने वाले समय में ......


आने वाले समय में 
चिड़ियों की चह-चहाट
गुम हो जाएगी !
सुबह सवेरे हमें 
मोबाईल फोन से 
जगाया करेंगी !

बुद्धिवादी युग में 
मनपर निरंतर 
शब्द, विचार 
ध्वनियों के
आघात से,
मनकी शांति  
सिर्फ 
शब्दकोश में 
रह जाएगी !

8 टिप्‍पणियां:

  1. माहौल मायूसी का ही है ...
    अनूठा और काफी हद तक अछूता विषय चुना आपने ...
    शुभकामनायें आपको !

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  2. क्या कहने,
    आपकी सोच को सलाम,
    आने वाले समय की तस्वीर
    खिंचती रचना

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  3. मन को अगर हमने प्रकृति से जोड़ा होता,तो शांति भी होती और प्रकृति का भी भला होता। अलबत्ता, कई लोगों ने चिड़ियों की चहचहाहट को अपना रिंगटोन ज़रूर बना लिया है,हालांकि हालात इतने बदतर नहीं दिखते।

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  4. आने वाला समय तो सच में ऐसा ही होता हुआ दिख रहा है ....सटीक चित्रण

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  5. आपकी प्रवि्ष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल उद्देश्य से दी जा रही है!

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  6. आने वाला क्या ..बस समझो कि आ ही गया है यह समय ... बहुत अच्छी प्रस्तुति

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  7. सुंदर, सशक्त एवं प्रासंगिक भाव ... लगता तो यही है सुमनजी

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  8. सुंदर प्रस्तुति,...आने वाला समय न जाने क़्या२ गुल खिलायेगा,..

    मेरी नई पोस्ट के लिए काव्यान्जलि मे click करे

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