शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

सूरज की दादागिरी !

उधर
पानी का स्तर
घट गया !
इधर
पानी को लेकर
झगड़े बढ़ गए
सप्लाई कम हुई !
ऐसे में देखिये
बढ़ गई
सूरज की दादागिरी !
किरण किरण
लिए संग
उलीच उलीच कर
जलाशयों से घर
ले जा रहा है
पानी  ... !

5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब ... यही तो विसंगती है

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  2. आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति 99वीं जयंती - पंडित रवि शंकर और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान जरूर बढ़ाएँ। सादर ... अभिनन्दन।।

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  3. दादागीरी नहीं भगिनी सुमन, इसे डकैती कहते हैं. दिन दहाड़े पानी चुराकर ले जाता है!बहुत ख़ूब..!

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  4. बहुत ही खुबसूरत
    बहुत उम्दा लिखा है...!

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